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शाम के ६ बज रहे थे। अभी भी उसके पास करीब २ घंटे थे। जब प्रगति वापस आई तो शेखर ने उससे पूछा कि वह कितनी देर और रुक सकती है। प्रगति ने भी अपने पति से देर से आने की बात कह दी थी सो उसे भी कोई जल्दी नहीं थी। तो शेखर ने सोचा की शायद आज ही उसकी बरसों की मनोकामना पूरी हो जायेगी। उसने प्रगति से पूछा वह उस से कितना प्यार करती है।

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