About:

उसने पलट कर देखा तो बलराम को देख कर आश्चर्यचकित रह गई। उसने ऐसा यन्त्र पहले नहीं देखा था। शेखर ने बताया कि इसे उसने खुद ही बनाया है और इसको इस्तेमाल करके वह प्रगति के दर्द को कम करेगा। उसने यह भी बताया कि इस यन्त्र का नाम “बलराम” है। नाम सुन कर प्रगति को हंसी आ गई। शेखर ने आश्वासन के तौर पर उसकी पीठ थपथपाई और फिर से उलटे लेट जाने को कहा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*