उसने कहा- जल्दबाजी की कोई ज़रुरत नहीं है। अगर तुम तैयार नहीं हो तो किसी और दिन करेंगे। प्रगति ने कहा- ऐसी कोई बात नहीं है और मैं तैयार हूँ !
शेखर ने कहा “ओ के, अब मैं तीन गिनूंगा तुम तीन पर अपनी गांड ढीली करना”। प्रगति ने चूतड़ हिला कर हाँ का इशारा किया। शेखर ने एक, दो, तीन कहते हुए तीन पर बलराम को गांड के छेद में डालने के लिए जोर लगाया।