About:

दोनों सातवें आसमान पर पहुँच गए थे। अब शेखर चरमोत्कर्ष पर पहुँचने वाला था। उसके मुंह से मादक आवाजें निकलने लगी थी। प्रगति भी अजीब आवाजें निकल रही थी। शेखर ने गति तेज़ करते हुए एक बार लंड लगभग पूरा बाहर निकाल कर एक ही वार में पूरा अन्दर घुसेड़ दिया, प्रगति की ख़ुशी की चीख के साथ शेखर की दहाड़ निकली और शेखर का वीर्य फूट फूट कर उसकी गांड में निकल पड़ा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*