मैंने सबसे पहले अपना नम्बर उसे ही दिया। फिर मैं कालेज में आ गया। कई बार उसे घूमाने भी ले गया। यों ही दिन गुजरते गये। मैं बहुत खुश था। एक दिन लक्ष्मी का फोन आया, बोली- मुझे तुमसे बात करनी है !
मैं बोला- बोलो !
नहीं फोन पर नहीं !
तो?
तुम रात को 10. 30 बजे आ जाना। मैंने कहा- इतनी देर से क्यों?
हम ज्यादातर 7-8 बजे मिलते थे।