अचानक उसने मुझे बाहों में पकड़ लिया और बोली- राज तेज ! बस मेरा काम होने वाला है !
मैं बोला- मेरा भी !
वो बोली- हो गया !
और मुझे कस कर पकड़ लिया। मेरा भी निकलने वाला था, मैं बोला- लक्ष्मी अन्दर छोड़ूं?
उसने कहा- हाँ !
मैंने उसे अलग किया, कन्धें पकड़ कर तेज धक्के मारने लगा। अब उससे सहन नहीं हो रहा था।