वो बोली- ले चलो मुझे ! नहीं तो मैं मर जाऊँगी। मैं बोला- नहीं तुम्हें मेरी कसम ! तुमने ऐसा कुछ किया तो। मैंने उसे समझाया। फिर हम काफी देर तक लेटे रहे। वो रोती रही। मेरी आँख भी भर आई पर मैं लक्ष्मी के सामने चुप रहा। सुबह के 2 बज गये थे। मैंने उसे जाने को कहा। उसने कपड़े पहन लिये और मैंने भी। मैंने पूछा- लक्ष्मी तुम्हें पता था कि तुम्हारी शादी होने वाली है तो आज मेरे साथ यह सब क्यूँ किया?
वो बोली- मैंने तो तुम्हें ही अपना पति माना है।