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” उमेश के लंड पकड़ते ही मेरा बदन टापने लगा. पहले मैं दार्र रही थी पैर लंड पकड़ मचल उठी. मेरे कहने पैर वा मेरी टॅंगो के बीच आया और मेरी कसी कुँवारी छूट पैर अपना छ्होटा लंड रख धक्का मारा. सूपड़ा कुच्छ से अंदर गया. फिर 3-4 धक्के मारकर पूरा ल अंदर पेल दिया. कुच्छ देर बाद उसने धीरे धीरे छोड़ते हुवे पूच्हा, “मेरी जान दर्द तू नही हो रहा है.

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