मैं फिर पापा के साथ रोज़ सुहाग्रात मानने लगी. श्याद कोई आ रहा अहन मैं बादमईन स्टोरी लिखूँगी बाक़ी मुजेह माइल केरना कसिए लगी स्टोरी
दोस्तो मेरा नाम अजय है जैसे की आप सब जानते हैं आज मई अपनी नेव स्टोरय लिख रहा हो, दीदी की सास की चुदाई. अभी हाल मई ही मेरी दीदी की सदी हुई है मई उनके घर ग्या था दीदी हनेयमूं के लिया बाहर गयी थी वहाँ की देखभाल करने के लिया बुलाया ग्या था मई वहाँ पहुँचा तो मेरी दीदी की सास काफ़ी खुस हुई घर बड़ा था इसलिया एक ही कमरे मे सोने का प्रोग्रामे बना रात मे ससू ग ने कहा बेटा तक ग्ये होंगे लाओ मे बॉडय की मालिश कर दो मई बोला तक तो ग्या हो पूरे 300 क्म गाड़ी चलके आया हो ख़ैर रहने डीजिया लेकिन वो नही मानी और फटाफट ताइल लेके आ गयी मई बिस्टेर पे लेता हुआ था वो पहले मेरे सर की मालिश की फिर वो मेरे हाथ की मालिश करने लगी मैरे नज़र उनकी बड़ी बड़ी चुचिओ पेर थी जो आधा बाहर दिखाई दे रही थी उनकी चुचि वाकई ग़ज़ब की थी फिर वो मेरे पैर की मालिश करने लगी उनकी नज़र मेरी कच्ची पेर थी वो जानबूझकर अपने हट को मेरे कच्ची तक ले आती थी उनके तौछ करने से मेरा लांद खड़ा हो ग्या था वो देख रही थी अचानक ससू ग मेरा लांद पकड़ के बोली बेटा.