तुम्हारा क्या जबाब है?
तो उसने कहा- सर, मुझे सोचने का समय दीजिये। मैंने कहा- हाँ, यह बहुत बडी बात है और इसका जबाब तो सोच-समझ कर ही देना चाहिये मैं तुम्हें पूरे एक सैकिण्ड का समय देता हूँ अच्छी तरह सोच कर बता दो। मेरी इस बात पर वो हँसने लगी और हाँ कह दिया। मैंने उससे पूछा- तुमने पहले घर के सामने वाले भैया का नाम क्यों लिया।