मैंने एक हाथ से उसकी चूची को दबाना शुरू कर दिया और तब तक दबाता रहा जब तक उसका चूत में हो रहे दर्द से तड़पना रूक नहीं गया। फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए। 5 मिनट बाद ही उसकी चूत का दर्द खत्म हो गया और मुझे कमर से पकड़ कर अपनी अन्दर समेटने की कोशिश करने लगी। मैं समझ गया कि अब वो पूरे जोश में है इसलिये मैंने धक्कों की रफ्तार बढ़ा दी और पूछा- कैसा लग रहा है?
तो उसने कहा- पता नहीं कैसा लग रहा है, पर अच्छा लग रहा है !
और अपनी आंखें बन्द कर ली।