लेकिन मेरा झुका हुआ चेहरा देखकर उन्होने मेरा चेहरा अपने हाथों में उठाया और चूमते हुये बोली- घबराओ मत ! मैं तुम्हें ज्यादा परेशान नहीं करूंगी और कभी किसी तरह की परेशानी हो तो मेरे पास चले आना। उसकी आखिरी बात मेरी फिर समझ में नहीं आई, मैंने पूछा- कैसी परेशानी?
अरे बुद्धू ! अगर फिर कोई लड़की चोदनी हो तो मेरे घर चले आना ! वरना फिर कोई चौपाल में देख लेगा तो परेशानी हो जायेगी।