तुम लोग चिन्ता मत करना। इत्तेफाक से मुझे कुछ काम पड़ा तो मैं उनके घर पहुँचा और मैंने आवाज लगाई तो गीतू निकल कर आई और कहने लगी- माँ तो घर पर नहीं है कोई काम हो तो बता दो। मैंने कहा- कुछ नहीं !
और अपनी मोटरसाईकिल पर बैठकर जाने लगा तो उसने कहा- जब आप घर जाओ तो घर पर होकर जाना नीतू ने कहा है। मैंने सोचा कि अगर गीतू घर पर है तो क्या काम हो सकता है।