. . मैंने कहा- मैडम, यदि ऐसा हुआ तो मैं गाँव में जाकर आपके लिए बिस्तर ले आऊँगा। तो इस बात पर वो हंसने लगी और कहने लगी- आदित्य, तुम पूरे बेवकूफ हो !
मैंने उन्हें पहली बार हँसते हुए देखा था। एक-आध बार कहीं स्टाफ-रूम में जरूर देखा होगा पर कक्षा में कभी नहीं। वो मेरे पास आकर बैठ गई और मेरी किताबें और कापियाँ देखने लगी और कहने लगी- लड़के अपनी कापी-किताबें कैसे रखते हैं? कितने बेकार तरीके से लिखते हो !
और वही तुनक-मिजाजी चालू.