. . आहऽऽ मैं मरी . . . जोर से कहते हुए मेरा सिर अपनी जांघों में दबा लिया और मेरे बाल खींचने लगी। मैडम ने आहें भरते हुए जल्दी-जल्दी तीन-चार झटके पूरे जोरों से अपने चूतड़ उठा कर मारे। मैंने फ़िर भी उनको नहीं छोड़ा और अपनी जीभ से उनकी चूत से बहने वाले रस को चाट गया। वो कह रही थी- अब हट जाओ आदी ! अब सहन नहीं हो रहा ! पता नहीं यह सब क्या हो रहा है? पर जो भी हो रहा है उसमें मुझे बहुत मजा आ रहा है !
मैं मैडम के ऊपर आया तो मैडम ने सिर उठा कर मेरे लौड़े की तरफ़ देखा।