मेरे प्यारे दोस्तो और देवियो व भाभियो, आपने पहला भाग पढ़ा तो शायद उसमे कुछ झूठ नहीं लगा होगा क्योंकि यह मेरे घर की ही सच्चाई है। अब चाची बिगड़ी हुई है तो बेटियां भी बिगड़ी ही होंगी न . . . . मैं अपनी दोनों बहनों की चूत का स्वाद ले ही चुका था लेकिन मेरे मन में चाची का पिछवाड़ा देखकर कई बार यह सवाल उठता था कि “कभी चाची को चोदने का मौका मिल सकता है क्या ?”
एक दिन निशा दीदी की चुदाई करते करते मैंने कहा,” दीदी, चाची जी यानि आपकी मम्मी भी अपने आपको बहुत संभाल कर रखती हैं !”
तो दीदी ने कहा,” क्यूँ नहीं रखेंगी, उनका यार जो उन्हें चोदता है !”
एक दिन चाची जी को हम दोनों बहन-भाई पर शक हो गया था तो उन्होंने छोटी बहन मंजू से बाते की लेकिन मंजू ने उन्हें कुछ नहीं बताया।