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सानिया की आँख भी गीली हो गई। उसकी नजरों में भी मेरे लिए अब प्यार दिख रहा था। वो बोली- मैं आप दोनों के लिए पानी लाती हूँ !

और वो बाहर चली गई। जब वो पानी लेकर आई तब मैं कुर्सी पर बैठा था और रागिनी बिस्तर ठीक कर रही थी। हम दोनों अभी भी नंगे ही थे। मेरा लण्ड एक दम शांत और भोला बच्चा बन गया था। पानी आगे करते हुए सानिया बोली- चाचू ! अब आप दोनों सो जाएँ, बारह बजने को हो रहे हैं।

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