उनके जाने के दूसरे दिन रात के 8 बजे
के आस पास वो पागल हमारे घर के दरवाजे के पास आ कर बैठ गया. जब वो रात को आ कर बैठ जाता तो वो
फिर सुबह ही वहाँ से वापस जाता था. मैने सोचा आज उस से कुच्छ बात करके देखती हून. मैने डरते हुए
दरवाज़ा खोला और उस से पूचछा खाना खाओगे. उस ने अपना सिर हन में हिला दिया. मैं खाना ले आई
और जब वो खाना खा चुका तो उसने इशारे से पानी माँगा.