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उन्होने मेरे छ्होटे-छ्होटे निपल्स कोपाकड़ कर कहा
आदमियों का दूध यहाँ से नही उनके लॅंड से आता है. “लॅंड से?”
मेरा तो कभी नही आया सिर्फ़ सस्यू आती है. तो दूध आज आएगा,
देखना तुम? कहते हुए उन्होने मेरी गर्दन उपेर की ओर मेरे निपल
चाटने लगी. जिन पर उनके हाथ का शहद लग गया था. मेरे निपल
छत कर बोली अब तुम बाद मे दूध पीना पहले मेरी छूट को भी तो
फूक मार दो.

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