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सानिया के बदन के गोरेपन का जवाब नहीं था। वो इसके बाद मेरे बदन पर ही चढ़ आई। मैंने पहले उसके चेहरे को पकड़ा और फ़िर उसके गुलाबी होठों का रस पीने लगा। उसका बदन हल्का सा गर्म हो रहा था, जैसे बुखार सा चढ़ रहा हो। बन्द आँखों के साथ वो हसीना अब टॉपलेस मेरे बाहों में थी। मैंने रागिनी की तरफ़ देखा। वो मुझे देख मुस्कुरा रही थी और चाय की चुस्की ले रही थी।

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