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थोड़ी देर में जब मेरा दर्द कुच्छ कम हुआ तो मैं भी अपना चुतऱ आयेज पीच्चे करके उसका साथ देने लगी. वो मुझे आँधी की तरह छोड़ रहा था. उसने इस बार मुझे लगभग 45 मिनिट तक बिना रुके छोड़ा. अभी तक मैं 3 बार झाड़ चुकी थी. मेरी छूट एक दम गीली हो चुकी थी. रूम में फ़च-फ़च और धाप-धाप की आवाज़ हो रही थी. केशरी का भी पानी अब निकालने ही वाला था.

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