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वो मोमबत्ती अब तक मेरी छूट में 6″ तक घुस चुकी थी. मैने कहा, “रुक जाओ रजत, अब और ज़्यादा मत डालो. दर्द हो रहा है. इतना ही अंदर डाल कर छोड़ो मुझे. ” उन्होने मोमबत्ती को तेज़ी से मेरी छूट में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. मैं सिसकारियाँ भरने लगी. वो भी बहुत जोश में आ गये थे और मेरे मून’ह में ही झाड़ गये.

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