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खाने के बाद जब वो जाने लगे तो मैं उनको दरवाज़े पर छ्चोड़ने आई. मेरा चेहरा एक दम बुझा हुआ था और मैं एक दम उदास थी. . उन्होने मेरी तरफ देखा तो बोले, “मैने केशरी से बात कर ली है. . यह सुन’के वा इट’ना खुश हुवा की मत पुच्च्ो. वो लगभग 10 बजे आएगा. मेरे वापस आने तक तुम केशरी से जी भर कर छुड़वा लेना. ” मैं खुशी से फूली नहीं समा रही थी.

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