”
“छोडो मां, मेरे से ये सब नही होगा। ”
“तो मत कर चुतिये, मगर मैं तो करुन्गी मादरचोद। ”
कह कर मां ने मेरे लंड को जोर से मरोडा। मां के मुंह से इतनी मोटी गाली सुन के मैं थोडा हडबडा गया था, मगर मां ने मुझे इसका भी मौका नही दिया और मेरे होंठो को अपने होंठो में भर कर खूब जोर जोर से चुसने लगी। मैं भी मां से पुरी तरह से लिपट गया और खूब जोर जोर से उसकी चुचियों को मसलने लगा और निप्पल खींचने लगा, मां ने सिसकारियां लेते हुए मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा,
“चुचियां मसलने से भी ज्यादा जल्दी, मैं गंदी बातों से गरम हो जाउन्गी, मेरे साथ गंदी गंदी बातें कर ना बेटा।