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. लेकिन मैं शरम के मारे कुच्छ भी नहीं बोली. अब हमारी शादी को देढ साल हो गये हैं और मैं तुमसे खुल कर बात कर सकती हून इसलिए मैं आज तुमसे तुम्हारे लुन्ड के बारे में कह रही हून. ” उन्होने कहा, “शालिनी, मैं अपनी कमी जनता हून और तुम्हारे दर्द को समझ सकता हून. मैने बहुत इलाज़ कराया लेकिन ये नहीं बढ़ा. मैं क्या करूँ.

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