और मां की साडी उसके छाती पर से ढलक गई थी। मां के मुंह से ये बात सुन के मैं खामोश रह गया और मेरी सांसे तेज चलने लगी। मां ने मेरी ओर देखाते हुए पुछा,
“क्या हुआ ?’
मैने कोई जवाब नही दिया, और हलके से मुस्कुराते हुए उसकी छातियों की तरफ देखने लगा, जो उसकी तेज चलती सांसो के साथ उपर नीचे हो रही थी। वो मेरी तरफ देखते हुए बोली,
“क्या हुआ ?, मेरी बात का जवाब दे ना।