मां ने मेरे गाल पर अपने हाथों से एक प्यार भरी थपकी दे कर पुछा,
“चल मान लिया मैने गाली दी, तुझे बुरा लगा क्या ?”
मैने मुंह बना लिया था। मां मुझे बाहों में भरते हुए बोली,
“अरे मेरे चोदु बेटे, मां की गालियां क्या तुझे इतनी बुरी लगती है कि, तु बुरा मान के रुठ गया ?”
“नही मां, बुरी लगने की बात तो नही है, लेकिन तुम्हारे मुंह से गालियां सुन के बडा अजीब-सा लगा।