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तभी मैं कहुं कि, जैसे ही मेरा पेटिकोट नीचे गीरा, ये लडका मुझे घुर-घुर के क्यों देख रहा था ? हाये, इस लडके की तो अपनी मां के उपर ही बुरी नजर है। ”

“हाये मां, गलती हो गई, माफ कर दो। ”

“ओहो, अब बोल रहा है गलती हो गई, पर अगर मैं नही जगती तो, तु तो अपना पानी नीकाल के ही मानता ना ! मेरी छातियों को दबा दबा के !! उमम्म्,,,, बोल, नीकालता की नही, पानी ?”

“हाये मां, गलती हो गई।

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