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“वाह रे तेरी गलती, कमाल की गलती है। किसी का मसल दो, दबा दो, फिर बोलो की गलती हो गई। अपना मजा कर लो, दुसरे चाहे कैसे भी रहे। “,
कह कर मां ने मेरे लंड को कास् के दबाया, उसके कोमल हाथों का स्पर्श पा के मेरा लंड तो लोहा हो गया था, और गरम भी काफी हो गया था। “हाये मां छोडो, क्या कर रही हो ?”

मां उसी तरह से मुस्कुराती हुई बोली,
“क्यों प्यारे, तुने मेरा दबाया तब, तो मैने नही बोला कि छोडो।

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