अब क्यों बोल रहा है, तु ?”
मैने कहा,
“हाये, मां तु दबायेगी तो सच में मेरा पानी निकल जायेगा। हाये, छोडो ना मां। ”
“क्यों, पानी निकालने के लिये ही तो तु दबा रहा था ना मेरी छातियां ? मैं अपने हाथ से निकाल देती हुं, तेरे गन्ने से तेरा रस। चल, जरा अपना गन्ना तो दिखा। ”
“हाये मां, छोडो, मुझे शरम आती है।