मां मेरे लंड को अपने हाथों में पकडने की पुरी कोशिश कर रही थी, पर मेरे लंड की मोटाई के कारण से वो उसे अपनी मुठ्ठी में, अच्छी तरह से कैद नही कर पा रही थी। उसने मेरे पजामे को वहीं खुले में, पेड के नीचे, मेरे लंड पर से हटा दिया। “हाये मां, छोडो, कोई देख लेगा। ऐसे कपडे मत हटाओ। ”
मगर मां शायद पुरे जोश में आ चुकी थी।