”
इस पर मां ने मेरे गालों को हल्के-से खींचते हुए कहा,
“अच्छा बेटा, मैने हल्का होने के लिये कहा था, पर तु तो वहां हल्का होने की जगह भारी हो रहा था। मुझे पेशाब करते हुए घुर-घुर कर देखने के लिये तो मैने नही कहा था तुम्हे, फिर तु क्यों घुर-घुर कर मजे लुट रहा था ?”
“हाय, मैं कहां मजा लुट रहा था, कैसी बाते कर रही हो मां ?’
“ओह हो, शैतान अब तो बडा भोला बन रहा है।