मैने कभी भी इस से पहले मां को, ना तो ऐसे बोलते सुना था, ना ही इस तरह से बर्ताव करते हुए देखा था। इसलिये मुझे बडा आश्चर्य हो रहा था। पर उसके हसते हुए थप्पड लगाने पर तो मुझे, और भी ज्यादा आश्चर्य हुआ की, आखिर ये चाहती क्या है। और मैने बोला की,
“माफ कर दो मां, अगर कोई गलती हो गई हो तो। ”
इस पर मां ने मेरे गालों को हल्के सहलाते हुए कहा की,
“गलती तो तु कर बैठा है, बेटे।