तभी मां के कदमो की आहट सुनाई दी। मैने मुड कर देखा तो पाया की, मां मेरे पास ही आ रही थी। उसके हाथ में हांसिया (सब्जी काटने के लिये गांव में इस्तेमाल होने वाली चीज) और सब्जी का टोकरा था। मैने मां की ओर देखा, वो मेरी ओर देख के मुस्कुराते हुए वहीं पर बैठ गई। फिर उसने पुछा,
“कौन-सी सब्जी खायेगा ?”
मैने कहा,
“जो सब्जी तुम बना दोगी, वही खा लुन्गा।