”
और वहीं बैठ के सब्जीयां काटने लगी। सब्जी काटने के लिये, जब वो बैठी थी, तब उसने अपना एक पैर मोड कर, जमीन पर रख दिया था और दुसरा पैर मोड कर, अपनी छाती से टीका रखा था। और गरदन झुकाये सब्जीयां काट रही थी। उसके इस तरह से बैठने के कारण उसकी एक चुंची, जो की उसके एक घुटने से दब रही थी, ब्लाउस के बाहर निकलने लगी और उपर से झांखने लगी।