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” मेरा मुख बरबस ही अपने आप खुल गया। उसके मुख से आह निकल गई। मेरे मुख में उसका मोटा लण्ड इधर उधर घूम रहा था। तभी मैंने उसके लौड़े की चमड़ी खोल कर पीछे खींच दी, आह … लाल सुर्ख सुपारा !

मेरा मन मचल गया … उसके छल्ले को मैंने कस कस कर चूस लिया। “दीदी, ज्यादा नहीं, निकल जायेगा …” वो आनन्द से मचलता हुआ बोला।

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