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. . नापता रहा दोनों पंखुड़ियाँ . . . उनके बीच की दरार . . . जहाँ हल्की-हल्की रिसावट हो रही थी . . . मैंने उसकी चूत के दरार पे उंगली फ़िराई . . . उसने सिसकारियाँ भरना शुरु कर दिया और अपने गुदाज नितंबों को आगे-पीछे करने लगी. . . मैंने अपनी एक उंगली धीरे से अंदर प्रविष्ट कर दी. . . वो चिहुँक उठी . . . .

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