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” थोडी देर बाद जय स्टोर रूम से दो बडे बक्से ले अया. रिया अपने और जय के कपडों को अच्छी तरह समेटने लगी. फिर कमरे मे नज़रें घूमाने लगी की कहीं कुछ छूट तो नही गया. “तुम सामान पैक करो. ” रिया ने काहा, “मैं अभी आती हूं. ” रिया अपने कमरे से निकल कर नीचे हाल मे आ गयी. जिस घर को उसने बचपन से अपना समझा था पता नही क्यों आज वो एक पराये घर जैसा लग राहा था.

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