. . ”
आशू ने रुपा को एक तरफ़ किया और अपनी पोजिशन को फिर से सेट की और उसके पांव खींच कर पलंग के किनारे कर दिया और खुद खड़े हो कर पोजीशन बना ली। अब उसका लण्ड उसकी चूत के बिल्कुल सामने था। “तो कविता रानी, चूत फ़ाड़ चुदाई के लिये तैयार हो. . . ?”
“हां जी. . . अब देर ना लगाओ . . . मेरी तो अब फ़ाड़ दो आशू राजा !”
“लगता है पहले से मस्त चुदी चुदाई हो.