About:

“राज. . . और लिखता रैहता है?” गीता ने आश्चर्य से पूछा. “हाँ और क्या. ” रोमा ने काहा, “यही काम है जो वो दिन भर करता रैहता है. ग्रैजुएशन के बाद कितना बदल गया है वो. ऐसा लगता है की उसकी ज़िन्दगी किसी जगह आकर ठैहर गयी है. वो मुझे भी हर समय नज़र अन्दाज़ करता रैहता है. समझ में नही आता की उसे परेशानी क्या है.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*