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“देखा आज तक तुम क्या मिस करते आये. ” अपनी जीभ से बैहते वीर्य को चाटते हुए रिया बोली. “अच्छा होगा अगर हम कपडे पैहन कुछ लकडियां ढून्ड लें. ” राज ने रिया को याद दिलाया. दोनो समय पर ही अलाव के पास पहुँच गये. आग बुझने को ही थी. जय संकित नज़रों से दोनो को देख राहा था लेकिन उसने कुछ काहा नही. राज ने कुछ चुनी हुई लकडियां आग में डाली और उन्हे हवा दे जलाने लगा.

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