About:

“तुम और राज काहां गायब हो गये थे?” आखिर में जय ने अपनी बैहन से पूछा, वैसे तो वो जानता था लेकिन फिर भी वो रिया की मुंह से सुनना चाहता था. “हम दोनो अलाव् के लिये लकडियां ढूंडने गये थे. ” रिया ने अपने कन्धे उच्काते हुए काहा. “नही तुमने उससे ज़्यादा कुछ किया था,” जय अपनी बात पर ज़ोर देता हुआ बोला, “क्या हुआ वाहां पर?” “देखो जय, तुम मेरे भाई हो और भाई बनकर रहो, बाप बनने की कोशिश मत करो.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*