मैं झाड़ियों के पीछे छुप गया। दोनों झाड़ी के करीब बैठ दारु की बोतल निकाल कर पीने लगे, साथ में सिगरेट !
मैं उनके पास से निकलने लगा तो एक बोला- साले, तू अच्छे घर का है ! इस वक़्त यहाँ गांड मरवाने आया है?
हाँ ! सही कहा तुमने ! मारोगे मेरी गांड?
मैं उनके पास बैठ गया, बीच में बैठ दोनों की जिप खोल हाथ अन्दर घुसा दिए।