. धीरे . . . ”
“अनिल . . मैं मर जाऊंगी . . . हाय . . . ” उसने मेरे होटों पर होंट रख दिए जिस से मैं कुछ न बोल सकूँ . . . . . मेरी उत्तेजना बढती जा रही थी. मैंने अपनी चूतडों को हिला हिला कर जोर से धक्कों का उत्तर धक्कों से देने लगी. अब मुझे लगाने लगा कि मैं झड़ने ही वाली हूँ. नीचे आग लगी हुयी थी . .