About:

उसकी सवाली निगाहों ने मेरी हरकत नोट की, मैं ने उसकी साडी पकड़ के हौले हौले से खींच कर अलग कर दी. और अलका को पेटीकोट सहित उठा कर मरीज देखने वाली मेज पर हौले से लिटा दिया, उनके मुह के ऊपर अपना मुह लगाया और जिंदगी का पहला किस किया, अगले १५ सेकंड में दो काम एकसाथ हुए, मेरा बायाँ हाथ अलका के बोबे पर और दाहिना हाथ पेटीकोट के नाड़े पर था, ज़रा देर में नाड़ा खोल के मैं अलग हुआ और पेटीकोट के दोनों साइड में अपने दोनों हाथ रखते हुए सरसराते हुए पेटीकोट को अंडरवियर सहित अलका की टांगों से निकाल बाहर किया.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*