About:

राज की बात सुनकर रोमा को थोडा सकून मैहसूस हुआ और वो राज को कस कर अपने से चिपकाते हुए सो गयी. गुस्से के मारे जय का खून खौल राहा था. उसने तिरछी निगाह से अपनी बैहन रिया की ओर देखा जिसके कारण उसे गुस्सा आ राहा था. उधर रिया अपने भाई के गुस्से को देख मन ही मन घबरा रही थी. दोनो के मन मे एक तूफ़न सा उठा हुआ था, बहुत सी बातें थी जो वो एक दूसरे से कैहना चाहते थे किन्तु चलती गाडी मे शायद माहौल नही था.

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