भाभी थोड़ी देर बाद आई और मुझसे कहा कि चाबी तो पता नही कहां रख कर भूल गई मैं?
मैने कहा- भाभी चाबी तो चाहिए नहीं तो मैं रात को कहां पर लेटूंगा?
तो भाभी ने कहा की ठीक है, मैं और अच्छी तरह से एक बार और देख लूँगी। यह कह कर वो सोफे पर बैठ गई और मुझसे बात करने लगी और फ़्रिज़ में से पेप्सी निकाल कर ले आई।