मामी मेरे बालों में अपनी उंगलियाँ फिरा रही थी और मैं आराम से लंबी दूरी के घोड़े जैसी दौड़ लगाकर उनके ऊपर लेटा हुआ था। फिर मामी ने मुझसे अपने ऊपर से उठने को कहा तो मुझे होश आया
और मैं उनके ऊपर से उठा। मामी ने मुझसे कहा- काश ! तुम मुझे पहले मिले होते तो मैं तुम्हीं से शादी करती। मैंने मामी से कहा- चाहता तो मैं भी हूं कि तुम्हारे साथ रहूँ, किन्तु अब भला कैसे हो सकता है।