ज़रा और जोर से धक्का लगा ना, कुत्ते. ज़रा जल्दी जल्दी चोद न. थक गया क्या?”
“थक गया होगा तेरा पति, तभी तो तू रंडी बन गयी है. ”
इस तरह कि भद्दी बातें करते हुए महेश उसे चोदे जा रहा था. पूरे कमरे में उसके लंड के उसकी चूत के दीवार से होते घर्षण से उनके रस के मिश्रण कि खुशबु फैल गयी थी. उनकी आंहें, गालियाँ और चंदा कि हलकी हलकी चींखों के बीच, चुदाई कि फच्च फच्च कि आवाज़ भी गूँज रही थी.