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केवल तेज साँसें चल रही थी. चंदा बीच में सुख से कराह रही थी और हलके हलके चीख रही थी. उनकी चुदाई फिर चरम पे पहुँच गयी. जब महेश अंत में चंदा के अंदर झाडा तब तक चंदा तीन चार बार झड चुकी थी और पस्त हो चुकी थी. जब महेश ने अपना लंड बाहर निकाला तो उसपर थोडा खून था. चंदा कि चूत में हल्का दर्द हो रहा था और उसकी चूत हलकी हलकी जल भी रही थी.

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